
सरकार ने प्रिंट मीडिया यानी आपके पास आने वाले रोज़ाना अखबारों को मिलने वाले विज्ञापनों की दर में 26 फीसदी का इजाफा कर दिया है. ये तो आप अब तक जान ही चुके हैं. साथ में आप यह भी जान चुके होंगे कि इसके जवाब में न्यूज़लॉन्ड्री ने अपने सब्सक्रिप्शन की कीमतें 26 फीसदी घटा दी हैं. इस ऑफर पर हम बात करेंगे, लेकिन पहले आप उस खर्च को जान लीजिए जो यह सरकार विज्ञापन के रूप में अखबारों पर खर्च कर रही है.
मेरे साथी बसंत के इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि अखबारों को सरकारी विज्ञापन किस आधार पर मिलते हैं, कौन इसे जारी करता है और इनका संभावित असर मीडिया, उसकी खबरों, जनहित और लोकतंत्र की सेहत पर किस तरह से पड़ता है. आपकी सरकार आपके टैक्स के पैसे का कितना हिस्सा सालभर में सिर्फ प्रचार प्रसार पर खर्च करती है. और साथ में यह भी कि इस बढ़ोतरी के बाद सरकारी विज्ञापन के खर्च में कितना अनुमानित इजाफा हो सकता है.