एनएल चर्चा के इस अंक में देश में जारी व्यंग्यात्मक राजनीतिक अभियान कॉकरोच जनता पार्टी और पीएम मोदी के विदेश दौरे के दौरान उपजे विवादों को लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते दिल्ली में होने वाले भारत-अफ्रीका फोरम समिट और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस शिखर सम्मेलन का स्थगन, न्यायपालिका पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में यूट्यूबर गुलशन पाहुजा को छह महीने की जेल, उपकर और पुराने वाहनों पर प्रतिबंध के विरोध में दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल, हाईकोर्ट द्वारा मंदिर घोषित किए जाने के बाद धार की ऐतिहासिक भोजशाला में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, भोपाल की त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के साथ ही कोर्ट द्वारा शव को सुरक्षित रखने का निर्देश, बकरीद पर कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा फैसला कि गाय की कुर्बानी इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है और सार्वजनिक स्थानों पर पशु बलि पर पूर्ण रोक आदि ख़बरें भी चर्चा में रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार और लेखक प्रभाकर मिश्रा और आशुतोष भाद्वाज ने हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से विकास जांगड़ा शामिल हुए. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूजलॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “डोनाल्ड ट्रंप का मीडिया के साथ रिश्ता बेहद तल्ख़ है लेकिन फिर भी एक परंपरा के तौर पर, एक लोकतंत्र के तत्व के रूप में ही सही वह कभी मीडिया को तर्क नहीं करते भले ही गाली दें, लेकिन हमारे यहां मोदी के मामले में यह दिखता है कि यह पूरी तरह कट ऑफ़ है.”
इस मुद्दे पर आशुतोष कहते हैं, “ऐसा कौनसा नेता है हिंदुस्तान में जिसपर मीडिया ने उसके कार्यकाल में उसकी आलोचना नहीं की, मैं मोदी के इस रवैय्ये को इस तरह से देखता हूं कि यह व्यक्ति भयंकर रूप से अहंकारी है, इनको मीडिया की ज़रूरत नहीं है. इनका काम ऐसे लोगों से चल जाता है, जो पूछते हैं आप आम कैसे खाते हैं.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
12:40 - सुर्खियां
17:00 - पीएम मोदी का विदेश दौरा
46:35 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
56:30 - व्यंग्यात्मक राजनीतिक अभियान कॉकरोच जनता पार्टी
01:35:05 - सलाह और सुझाव
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पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
प्रभाकर मिश्रा
कॉकरोच जनता पार्टी का सदस्य बनने में सावधानी बरतें
आशुतोष भारद्वाज
उपन्यास - लज़ार
विकास जांगड़ा
सीरीज़ - विमल खन्ना
डाक्यूमेंट्री - सोशल डिलेमा
अतुल चौरसिया
कहानी - मारे गए गुलफाम
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
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