
भारत में बिजली गिरने की घटनाओं में बीते 5 सालों में 57 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है. इसका सबसे ज़्यादा प्रकोप ग्रामीण इलाकों में देखा जा रहा है. अर्थ नेटवर्क की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का भूगोल ज़्यादातर भूमध्य रेखा और हिंद महासागर के नज़दीक होने की वजह से यहां अधिक गर्मी और नमी रहती है, जिससे अधिक मात्रा में आंधी-तूफ़ान (थंडरस्टॉर्म) बनते हैं. इसके साथ ही भारत में लोगों के बीच जागरूकता की कमी के कारण भी बिजली गिरने से मौतें, बाढ़ और चक्रवात (साइक्लोन) की तुलना में ज़्यादा होती हैं.