
फहीमुद्दीन अंसारी के लिए ताजी पकी हुई रोटी की खुशबू सिर्फ़ रोज़ी-रोटी नहीं, बल्कि एक विरासत थी. साठ साल पहले उनके पिता पुणे में साइकिल चलाकर पाव, बिस्कुट और केक बेचते थे. अंसारी परिवार ने बाद में पुणे के खूबसूरत मुलशी तालुका के पौड़ गांव में बसकर दो दशक पहले न्यू संगम बेकरी खोली. लेकिन पिछले दो महीनों से यह बेकरी ठंडी पड़ गई है.
60 वर्षीय अंसारी को स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर मई की शुरुआत से ही अपनी बेकरी खोलने से रोक दिया. यह घटना एक मुस्लिम युवक द्वारा हिंदू मूर्ति को अपवित्र करने के बाद भड़के सांप्रदायिक तनाव के बाद हुई थी. उन्होंने पुलिस, जिला प्रशासन और यहां तक कि पुणे के संरक्षक मंत्री और उप-मुख्यमंत्री अजित पवार को भी इसको लेकर अलग-अलग शिकायतें दी हैं. लेकिन उसके बारे में उनका कहना है कि उन्हें इसके बदले सिर्फ "खोखले आश्वासन" मिले हैं.