
दिल्ली के गुलमोहर पार्क की एक कोठी के बाहर लगे पौधे दूर से किसी बगीचे जैसे लगते हैं. पहली नज़र में लगता है मानो यह घर नहीं बल्कि किसी पार्क का हिस्सा हो. लेकिन यह नज़ारा दरअसल सार्वजनिक फुटपाथ पर निजी कब्ज़े की तस्वीर है.
गुलमोहर पार्क रेज़िडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की अध्यक्ष निरुपमा वर्मा कहती हैं, “यह विशेषाधिकार की समस्या है. जो लोग विशेषाधिकार प्राप्त हैं, वे खुद को हर चीज़ का हक़दार समझते हैं और सार्वजनिक जगह पर भी कब्ज़ा कर लेते हैं.”