
16 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने नामांकन कम होने का हवाला देते हुए 10,000 से अधिक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के विलय का आदेश दिया. राज्य की शिक्षा संकट का हल बताकर पेश की गई इस नीति ने उल्टा सीतापुर और रायबरेली जैसे जिलों के बच्चों को घरों में ही फंसा दिया है.