
यह रिपोर्ट पुलिस ज्यादतियों पर आधारित हमारी खोजी श्रृंखला का हिस्सा है. पिछली रिपोर्ट्स को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
ज़रीना येलामाटी की ज़िंदगी 1993 की एक बरसाती जून की रात में हमेशा के लिए बदल गई. उस वक्त वो सिर्फ 27 साल की थीं और दो बच्चों की मां बन चुकी थीं, जब पुलिस दरवाजा तोड़कर घुस आई. तब वह नागपुर के एक साधारण रेलवे क्वार्टर में अपने पति के बगल में सो रही थीं.