
यह रिपोर्ट सार्वजनिक स्थानों पर प्रभावशाली वर्गों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण और उनके प्रति सिस्टम की अनदेखी पर आधारित हमारी श्रृंखला का हिस्सा है। इस शृंखला की पिछली रिपोर्ट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
‘ऐसा प्रतीत होता है कि संपन्न वर्गों द्वारा अवैध निर्माणों को नियमित करने की एक संगठित कोशिश चल रही है." सुप्रीम कोर्ट ने 3 मई को यह टिप्पणी करते हुए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और नगर निकायों से जवाब मांगा है.