शुक्रवार, दो अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर आयोजित विशाल प्रदर्शन को दबाने के लिए दिल्ली प्रशासन और पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी. राजीव चौक से लेकर लुटियंस दिल्ली तक के 12 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के दरवाजे आम जनता के लिए बंद कर दिए गए और पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया. जंतर-मंतर की ओर जाने वाले हर रास्ते पर बहुस्तरीय बैरिकेड्स, वॉटर कैनन और आंसू गैस की गाड़ियां तैनात कर दी गई थीं.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने बाकायदा सात दिन पहले लिखित में अनुमति मांगी थी, लेकिन सरकार और दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से साफ इंकार कर दिया. इसके बावजूद जैसे ही लोग केरला हाउस और आसपास के इलाकों में जुटने लगे, पुलिस ने उन्हें जबरन हिरासत में लेना शुरू कर दिया.