एनएल चर्चा के इस अंक में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन, सोनम वांगचुक की हिरासत और पुलिस की कार्रवाई लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा कॉकरोच जनता पार्टी का पुलिस कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन, सीजेपी प्रदर्शन के अगले ही दिन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसान महापंचायत के लिए पंजाब-हरियाणा के किसानों का दिल्ली की ओर कूच, प्राकृतिक आपदाओं से देश के कई हिस्से पस्त- असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर हुई 5.6 लाख, जम्मू-कश्मीर में अचानक आई बाढ़ और बारिश जनित हादसों में मौतों का आंकड़ा 29 तक पहुंचा, सिक्किम के नामची में निर्माणाधीन पनबिजली सुरंग के ढहने से उसमें फंसे सभी 25 मजदूरों के शव बरामद, इधर राजनीतिक और संवैधानिक मोर्चे पर तमिलगा वेत्री कड़गम ने नीट परीक्षा रद्द कर शिक्षा को राज्य सूची में लाने की मांग उठाई, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलबदल विरोधी कानून में विलय के नाम पर विधायकों की अयोग्यता से बचने की व्याख्या को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, दिल्ली में पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रामलीला मैदान में प्रदर्शन के पुलिस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, मध्य प्रदेश में केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ 18 दिनों से अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारी नेता अमित भटनागर ने तोड़ी अपनी भूख हड़ताल, महाराष्ट्र सरकार ने धर्म परिवर्तन करने वाली अनुसूचित जनजातियों को आरक्षण के लाभ को लेकर समिति का गठन किया, अनंतनाग में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद दो संदिग्ध आतंकवादियों के घरों को ध्वस्त कर दिया गया, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत संक्षेप में 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची, न्यू जर्सी में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 2026 पुरुषों का फुटबॉल विश्व कप जीता आदि ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में न्यूज़लॉन्ड्री के रिपोर्टर्स की वह पूरी टीम शामिल हुई जो लगातार कॉकरोच जनता पार्टी का प्रोटेस्ट कवर कर रही है. इसमें सीनियर रिपोर्टर बसंत कुमार समेत आकांख्या राउत, अवधेश कुमार, अनमोल प्रितम और समर्थ ग्रोवर शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “20 जुलाई को पूरे देश से लोग जंतर-मंतर पर जमा हुए थे और उस दिन हमारे सामने स्पष्ट रूप से यह बात निकलकर सामने आई कि वहां कोई नेतृत्व नहीं दिखा, जो उस भीड़ को दिशा दे सकता था. इस बारे में अब लोग क्या सोच रहे हैं?”
जवाब में बसंत कहते हैं, “मैं देर रात 3 बजे जब पहुंचा तभी से जंतर-मंतर पर पैर रखने की जगह नहीं थी, पांच बजे भीड़ ने पहला बैरिकेड हटा दिया, बाद में पुलिस ने उसे लगाया वेल्डिंग वग़ैरह की लेकिन तभी लग गया था कि यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व के हाथ से निकल चुका है.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
6:37 - सुर्खियां
10:48 - सीजेपी प्रोटेस्ट
01:20:00 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
बसंत कुमार
रिपोर्ट - स्टेट-ओन्ड ओएनजीसी डोनेटेड ओवर रु 668 करोड़ टू 20 संघ-लिंक्ड ऑर्गेनाइजेशंस अक्रॉस 10 इयर्स
किताब - आरटीआई कैसे आई
अनमोल प्रितम
प्रतीक गोयल की बॉलीवुड रिपोर्ट सीरीज़
आकांख्या राउत
किताब - आदिवासी विल नॉट डांस
अवधेश कुमार
फिल्म - सतलुज
समर्थ ग्रोवर
किताब - फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज़
अतुल चौरसिया
जेन ज़ी आंदोलन पर न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट्स पढ़ें
किताब - मदर मेरी कम्स टू मी
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
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