दिल्ली सरकार ने 31 जुलाई 2026 को सरकारी स्कूलों की कक्षा 9 में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए 'विद्या वाहिनी योजना' शुरू की. योजना का उद्देश्य छात्राओं के लिए घर से स्कूल तक आने-जाने की सुविधा को बेहतर बनाना है, ताकि दूरी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें शिक्षा जारी रखने के लिए अधिक आत्मनिर्भर बनाया जा सके.
इस साल सरकार ने करीब 1.40 लाख छात्राओं को साइकिल देने का लक्ष्य रखा है. योजना शुरू होने के दिन करीब 3,000 साइकिलें बांटी गईं, और 10 अगस्त को करीब 200 साइकिलें और वितरित की गईं. लेकिन योजना शुरू होते ही टेंडर की प्रक्रिया, कीमत और साइकिलों की असलियत को लेकर सवाल उठने लगे हैं. एक शिकायतकर्ता ने टेंडर की अनुमानित कीमत और पात्रता शर्तों पर सवाल उठाए हैं. वहीं, आम आदमी पार्टी ने बांटी जा रही साइकिलों के मॉडल और उनकी कीमत को लेकर कई आरोप लगाए हैं. न्यूज़लॉन्ड्री ने इन दावों और टेंडर से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की, जिसमें प्रक्रिया और साइकिलों की कीमत को लेकर कुछ अनियमितताएं सामने आई.