
'मेरी सरकार से अपील है कि या तो मुझे यहीं रख लें नहीं तो मेरे साथ मेरे परिवार को भी भेजा जाए. मैं भला अपना परिवार छोड़ कर क्यों जाऊं? किसी को भी अपना परिवार क्यों छोड़ना पड़े? आपने कभी यह सुना है कि किसी बाप को बॉर्डर पर रोका जाए, ज्यादातर माओं को ही रोका जाता है.'
ये बोल हैं पाकिस्तान के शहर कराची में पैदा हुई और भारत में पंजाब के शहर मलेरकोटला में ब्याही 61 साल की शाहिदा इदरीश के. उनकी शादी साल 2002 में इदरीश खान से हुई थी.