
जम्मू कश्मीर के पहलगाम की घटना आतंकवाद के साथ जुड़े अंध धार्मिक कट्टरवाद को हमारे सामने रखती है. इस घटना से जुड़ी जो जानकारियां सामने आ रही हैं, वह दो धर्मों के बीच की खाई को और गहरी, दो समुदायों के बीच के भरोसे को पूरी तरह से खत्म करने वाली है. लेकिन यह याद रखने का समय भी है कि इस घटना को अंजाम देने वाला एक तीसरा पक्ष है पाकिस्तान. इस पक्ष को समझे बिना, इसका सही उपाय किए बिना कश्मीर या पूरे देश में शांति की कल्पना नहीं की जा सकती.