
क्या भारत में अब कोई जिला उपायुक्त या डीसी किसी को सिर्फ शक के आधार पर विदेशी घोषित कर देश से बाहर कर सकता है? असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 1950 के एक पुराने कानून के तहत असम सरकार और डीसी को ये ऐसी ताकत दी है. लेकिन क्या वाकई सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कहा है?और ये 1950 का कानून आखिर है क्या?