
10 मई की देर रात, जब उधमपुर से चलकर स्पेशल ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के भीड़ भरे प्लेटफॉर्म पर पहुंची तो उसके यात्री न केवल भारी बोझ के साथ उतरे बल्कि उनके चेहरों पर भय और अनिश्चितता का बोझ भी साफ दिखाई दे रहा था. ट्रेन पहले ही दो घंटे देरी से चल रही थी. वहीं विशेष सेवा होने के चलते भी स्पष्ट नहीं था कि यह किस प्लेटफॉर्म पर आएगी.