
मई, 2022 में दिल्ली के उपराज्यपाल नियुक्त होने के बाद से वीके सक्सेना अक्सर निगम के मुद्दों पर तत्कालीन 'आप' (आम आदमी पार्टी) सरकार को सार्वजनिक रूप से निशाना बनाते थे. लेकिन फरवरी, 2025 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से सरकार के प्रति उनका रुख नरम होता दिख रहा है.
इस साल फरवरी तक, उपराज्यपाल द्वारा कम से कम 10 निंदा भरे प्रेस बयान, अचानक से औचक निरीक्षण और सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे. लेकिन भाजपा सरकार के पहले 100 दिनों में उनकी ओर से एक भी आलोचनात्मक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई, औचक निरीक्षण बंद हो गए और सोशल मीडिया पर भी आलोचना शून्य रही.