Get all your news in one place.
100’s of premium titles.
One app.
Start reading
Newslaundry
Newslaundry
National
अतुल चौरसिया

अ मिलियन वेज़ टू डाई: एक बार फिर नए साल में गए साल की खबरें

कोई देश तब तक महान या विश्वगुरू न तो बन सकता है ना ही बनने का हकदार है जब तक कि वह अपने हर नागरिक के जीवन को समान महत्व नहीं देता.

हैप्पी न्यू ईयर. नया साल आप सबके जीवन में वैभव, संपन्नता और खुशहाली लाए. मैंने यह बात क्यों कही? साल के अंत में पलट कर पूरे साल की घटनाओं को निहारने का, अच्छी बुरी घटनाओं का आकलन करने का प्रचलन है.

2025 को जब मैंने पलट कर देखा तो पाया कि जिंदगी की कीमत यहां सबसे कम है. इतने तरीकों से, इतने सारे लोगों की जान इस देश में चली जाती है, लेकिन किसी को फर्क तक नहीं पड़ता. न व्यवस्था को न लोगों को. जीवन की गरिमा और उसका मूल्य हमारे देश में इतना कम है कि बड़ी से बड़ी घटना के बाद भी लोग बिना शिकन के आगे बढ़ जाते हैं, अपनी जिंदगी में मसरूफ हो जाते हैं.

इस साल का मुख्तसर सा संदेश यही रहा कि इस देश में आप बेरोज़गार हो सकते हैं, बीमार हो सकते हैं, भक्त भी हो सकते हैं. लेकिन सुरक्षित नहीं हो सकते. यहां जीवन कठिन है, मौत पूरी तरह यूज़र फ्रेंडली है. आप कहीं भी हों, मौत आपको ढूंढ़ लेगी. तो साल के अंत में पेश है पूरे साल का लेखाजोखा अ मिलियन वेज़ टू डाई.

बीते पच्चीस सालों ने ख़बरें पढ़ने के हमारे तरीके को बदल दिया है, लेकिन इस मूल सत्य को नहीं बदला है कि लोकतंत्र को विज्ञापनदाताओं और सत्ता से मुक्त प्रेस की ज़रूरत है. एनएल-टीएनएम को सब्स्क्राइब करें और उस स्वतंत्रता की रक्षा में मदद करें.

Newslaundry is a reader-supported, ad-free, independent news outlet based out of New Delhi. Support their journalism, here.

Sign up to read this article
Read news from 100’s of titles, curated specifically for you.
Already a member? Sign in here
Related Stories
Top stories on inkl right now
Our Picks
Fourteen days free
Download the app
One app. One membership.
100+ trusted global sources.